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Wednesday, October 14, 2020

सीवर कार्य ने बिगाड़ी शहर की सूरत

जगह जगह धंसी सड़कें गलियाँ, कछुआ गति से हो रहा कार्य, आवागमन बधित, दम तोड़ रहीं आपात सेवायें

बबलू चक्रबर्ती

एटा |


शहर की सूरत सीवरलाइन कार्य किस तरह बिगाड़ रहा हैं यह शायद ही कोई अनजान हो, लेकिन जिम्मेद्दार अफसर और जनप्रतिनिधि शहर में कछुआ गति से चलते सीवर कार्य और हादसों के लिये मुँह फाड़े जगह जगह धसती सडकों के अलाबा गन्दगी और बदहाली से जूझते शहर के प्रति जेसे जरा भी गम्भीर नहीं हैं | यही कारण हैं कि शहरवासी तमाम समस्याओं से हर रोज जूझने को मजबूर हैं | यहाँ यह भी कहना शायद अनुचित न हो कि सेवर लाइन के नाम पर शहरवासियों को सुखद सुंदर एटा के सपने दिखाने के नाम पर न सिर्फ शहर को बदहाल बनाया जा रहा बल्कि नगरवासियों को अथाह मुसीबतों के मुहाने पर खड़ा कर दिया हैं | जिससे वर्तमान हालात बेहद खराब नजर आ रहे हैं | क्योंकि एक लम्बे समय बाद भी सीवरलाइन कार्य शहर मे गंदगी से जूझ रहा हैं तो मुंह फाड़े धसती सडकें अब तक न जाने कितने हादसों का सबब बन चुकी हैं | इतना ही नहीं जगह जगह चल रही सडकों की खुदाई से जहाँ जाम के जाल में यातायात व्यवस्था चरमरा रही हैं वहीं आपातकालीन सेवायें तक दम तोड़ रही हैं | स्थिति कुछ ऐसी बन चुकी हैं कि एक तरफ जहां जगह जगह खुदी सडकों के कारण पल पल पर लगते जाम में फसी एम्बुलेंसों में जीवन और मौत से जूझते घटना दुर्घटना में घायल लोग और विभिन्न रोगों के रोगी उचित समय पर उपचार मिलने से परेशान हैं | वहीं दूसरी तरफ पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों के वाहन जब तब इसी जाम में फसे देखे जा सकते हैं | अब यह समस्यायें तो सीवर लाइन कार्य कराने बाले अधिकारियों और ठेकेदारों की अनभिज्ञता की बजह से उत्पन्न हो रही हैं | लेकिन इस सीवर लाइन के गटरों के निर्माण में मानक व गुणवत्ता को ताख में रख घटिया ईंट और ऊंट के मुहं में जीरा समान कम सीमेंट से की जा रही चुपड़मचाप तो जेसे अतरिक्त कमाई दर्शाता हैं | लेकिन सबसे अधिक सोचीय विषय तो यह हैं कि मनमानी के तहत तेयार की जाने बाली शहर की यह सीवर लाइन कहीं वर्तमान की तरह भविष्य में भी दुखदाई न साबित हो जाये ? 

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