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Monday, May 25, 2020

हक अधिकारों की माँग को लेकर पत्रकारों ने पीएम को भेजा पत्र

एटा के बाद आगरा, कासगंज, अलीगढ़ के पत्रकार भी देंगे ज्ञापन
बबलू चक्रबर्ती 
एटा |
देश में आजादी से लेकर अब तक पत्रकारों की हो रही अनदेखी और तरह तरह के उत्पीडन से जूझते पत्रकारों ने अपने हक और अधिकारों की मांग को लेकर हुंकार भरते हुये आज सोमवार को सामाजिक दूरी का पालन करते हुये देश के प्रधानमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट पहुच प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौपा हैं | पत्रकारहित में जनपद एटा से उठी पत्रकारों की यह आबाज एक के बाद अन्य जनपदों में भी बुलंद होने लगी | एटा के बाद अब आगरा, कासगंज और अलीगढ़ जनपद के पत्रकारों ने भी पत्रकारहित में इन सात सूत्रीय माँगों से सम्बन्धित ज्ञापन अधिकारियों को सोपने की तेयारी कर दी | जनपद एटा में दिये गये ज्ञापन में पत्रकारों ने देश के पीएम को सम्बोधित करते हुये कहा कि आजादी के बाद से केंद्र में तमाम पार्टियों की सरकारें बनी लेकिन किसी भी सरकार ने देश के पत्रकारों और उनके निजी जीवन से जुडी समस्याओं को गम्भीरता से नहीं लिया | जबकि देश का पत्रकार समाज हर जोखिम उठाकर बिना सुबिधा सुरक्षा के देश और देश की जनता के हित में निश्वार्थ भाव से कार्य करता रहा हैं, इस दौरान पत्रकारों को अनेकों तरह के उत्पीडन अत्याचार व शाररिक मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा | लेकिन पूर्व की सरकारों की भांति वर्तमान सरकार में जिस तरह पत्रकारों की अनदेखी हो रही हैं, वह एक अत्यंत भेदभावपूर्ण नीति और सोतेलापन हैं, जिस पर अभिलम्ब परिवर्तन किया जाना जरूरी हैं | ज्ञापन में पत्रकारों ने अपनी माँगों का उल्लेख करते हुये पीएम से माँग की हैं कि लोकतन्त्र के चोथे स्तम्भ के रूप में मीडिया को स्वीकृति प्रदान करते हुये अन्य तीन स्तम्भ- न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायका की भांति मीडिया पालिका बनाई जाये, देश में पत्रकारों पर होते हमले, उत्पीडन, अत्याचार और हत्या आदि तरह तरह से पत्रकारिता कार्य में आने वाली अड़चनों पर रोक लगाने हेतु भारत में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाये, भारतीय पात्र पत्रकारों को प्रति माह 20 हजार रूपये वेतन, 50 लाख का बीमा के साथ अन्य प्रेस कार्य हेतु भत्ता और पत्रकारिता के क्षेत्र में जीवन व्यतीत करने बाले उम्रदराज एवं वृद्ध पत्रकारों को पेंशन दी जाये, ताकि जीवन व्यतीत करते पत्रकारों को आर्थिक समस्याओं से न जूझना पड़े इसके अलाबा पत्रकारों पर फर्जी पत्रकार या अन्य कोई आरोप लगने पर पात्र और अपात्रता की जांच सम्बन्धित सूचना विभाग, सूचना निदेशालय या सूचना प्रसारण मंत्रलाय के कार्यालय रजिस्ट्रार महोदय से पंजीकृत पत्र पत्रिकाओं के प्रपत्र  (आरएनआई ) प्रमाण पत्रों के आधार पर की जाये, पत्रकारों का किसी भी प्रकार का उत्पीडन करने बाले उत्पीडनकर्ताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जाये तथा जुर्माना बसूला जाये, ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गयी कि देश के लघु एवं मझोले समाचार पत्रों के सहयोग में बिना ब्याज कम से कम 20 लाख रूपये का लोन और निशुल्क कागज उपलब्ध कराया जाये, पात्र पत्रकारों को सरकारी प्रेसकार्ड, प्रेसवर्दी दी जाये ताकि पत्रकारों को कबरेज करते समय किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, साथ ही रजिस्ट्रार कार्यालय सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत सभी समाचार पत्र/पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों को देश के प्रत्येक सरकारी विभाग में संज्ञान लेकर उन पर आवश्यक कदम उठाये जायें, इतना ही नहीं निष्पक्ष पत्रकारिता करने बाले पत्रकारों को समय समय पर सम्मानित कर उनका मनोबल बड़ाया जाये ताकि वर्तमान के साथ साथ भविष्य की पत्रकारिता को अत्यधिक बेहतर और पारदर्शी बनाने में पत्रकार समाज और अधिक उत्सुक रहे |अंतिम मांग में पत्रकारों ने कहा कि देश के सभी पात्र पत्रकारों को रेल, बस और टोल कर (टेक्स) से मुक्त किया जाये तथा देश के हर जनपद में बैठक, प्रेसवार्ता सेमीनार आदि प्रेस कार्य करने हेतु प्रेसक्लब और बाहरी इलाकों से आने जाने बाले पत्रकारों के ठहरने का निशुल्क उचित प्रबंध किया जाये | सात बिन्दुओं से जुडी मागों को लेकर ज्ञापन सोपते पत्रकारों ने देश के पीएम से एक न्यायाधिकारी एवं कुशल शासक की सोच के तहत मंजूरी प्रदान की माँग की हैं | माँग करने बालों में मनसुख टाइम्स सम्पादक बबलू चक्रबर्ती, विशेष ब्यूरों सम्पादक आदित्य सक्सेना, जन टीवी न्यूज़ चेनल ब्यूरो चीफ राज वर्मा, देनिक दबंग दुनिया ब्युरोचीफ़ भरत वर्मा, आजतक 24 न्यूज़ व्युरोचीफ़ राजकुमार, मनसुख टाइम्स कासगंज व्युरोचीफ़ मनीष कुमार, पीटीवी न्यूज़ व्युरोचीफ़ एसके माथुर, आशीष राज ने भरोसा जताया कि उपरोक्त सभी मागों की मंजूरी मिलने से न सिर्फ देश की पत्रकारिता और अधिक बेहतर व पारदर्शी होगी बल्कि देश में आंतरिक शक्ति का नया संचार भी होगा |
             सम्बन्धित समाचार मनसुख टाइम्स समचार पत्र के आने बाले अंक में भी ...

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