~अगर आप मनसुख टाइम्स समाचार पत्र या समाचार पत्र की वेब साईट www.mansukhtimes.com में अपने विज्ञापन चाहते हैं तो कृपया हिन्दी में लिखें या 9457096970, 7902127305 पर सम्पर्क करें | धन्यबाद:~ मुख्य संपादक ~:आवश्यक सुचना:~ मनसुख टाइम्स समाचार पत्र के सभी सम्मानित और प्रिय पाठकों विज्ञापनदाताओं को अबगत कराना है कि मनसुख टाइम्स समाचार पत्र की बड़ती लोकप्रियता को देखते हुये कुछ लोग समाचार पत्र के नाम से अबेध उगाही कर रहे हैं । जिनसे मनसुख टाइम्स समाचार पत्र का कोई सम्बन्ध नही है । अतः आप सभी से निवेदन है यदि इस तरह का कोई भी व्यक्ति आप से धन उगाही का प्रयास करता है तो आप मो. न. 7902127305, 9457096970 नम्बर या सम्बन्धित थाना पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इसके अलाबा मनसुख टाइम्स समाचार पत्र में प्रमुख पर्वों पर प्रकाशित विज्ञापन का नगद या चेक भुगतान मनसुख टाइम्स के नाम समाचार पत्र के अधिक्रत प्रतिनिधी को ऊपर दिये नम्बरों पर कॉल करके ही दें । :~ मुख्य संपादक

Saturday, July 14, 2018

साहब प्रधान नहीं करा रहा कोई विकास



मनीष राजपूत



एटा । न कोई विकास न कोई सुधार बदहाली में जीवन गुजारना हमारी विवशता बनी हुई है । गलिया तो दूर घरों में भी गन्दा पानी भरा हुआ । रास्ते पर स्कूली बच्चों का निकलना दूभर हो रहा तो कई घरों के निवासी गन्दे पानी भरने से गाँव से पलायन कर चुके है । बाबजूद ग्राम प्रधान विकास नही कराते और अधिकारी सुनबाई नही करते । कई बार शिकायतें भी की लेकिन नतीजा शून्य ही रहा ।  ऐसे में करें तो क्या पूरा गाँव नर्क बना कर रख दिया । सही कहें तो टूटा खरन्जा गलियों में पानी यही है हरचंदपुर की निशानी इस पंक्ति के साथ कहना है गाँव हरचंदपुरबासियों का आज मनसुख टाइम्स टीम के समक्ष । गाँव के दर्जनभर महिला पुरुषों ने जनपद के जिलाधिकारी से गाँव के निरीक्षण कर ग्राम प्रधान को दण्डित करने की माँग है ।


स्तिथी कुछ इस प्रकार है ग्राम हरचंदपुर जिसका नाम सुनते ही यह जहन में आता है कि इस गाँव के समीप केन्द्रीय
विद्यालय है और इस गाँव का नाम स्मार्ट गावों की लिस्ट में भी आ चुका था | गाव के लोगों के अनुसार इस गाँव
केवर्तमान प्रधान ने अपनेसमर्थक को ग्राम समाज की जमीन पर कव्जा कराकर गाँव का पानी रोक दिया है | जो
कि एक सोची समझी साजिश लगती है | पर इसके पीछे के कारण जो भी हों लेकिन गाँव की स्तिथी दयनीय बनी
हुई है | गाँव में घरों के अन्दर पानी घुस जाता है | कहीं कहीं इसकी गहराई लगभग 4 फुट हो जाती है  ऐसा लगता
है कि सडन , गलन ,मच्छर और बीमारियाँ की ग्राम वासियों को सोगात में मिलीं है जिसकी लंवाई लगभग 150-200
मीटर है |


         सुचना मिलने पर जब मनसुख टाइम्स की टीम ने इसको जब इस बात की वहां जाकर पुस्टी की तो लगा कि गाँव की गली एक तालाब की तरह दिख रही थी जहाँ बहुत बुरी सडन की बदबू मार रही थी और इस रास्ते से ही होकर पढने वाले , कामकाजी ग्रामीण व आने जाने वाले लोग गुजरने को विवश हैं | इसके कारण कई परिवार गाँव छोड़कर पलायन कर चुकी हैं | इससे लोगों की विवशता का अनुमान लगाया जा सकता है |
गाँव वालों ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार आला अधिकारीयों को इस समस्या के सम्बन्ध में लिखित प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन स्तिथी ज्यों की त्यों बनी हुई है | एक बार तो पूर्व जिलाधिकारी महोदय भी इसका दौरा कर चुके है | वावजूद इसके स्तिथी का आलम पहले से और बदतर हो चुका है |